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पलायन रोकने को विशेष कार्य योजना :जाने
November 30, 2019 • मुख्य संपादक राजीव मैथ्यू • State news
बेहतर मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने, दुर्गम एवं सीमान्त क्षेत्रों से लगातार हो रहे पलायन को रोकने, में महत्वपूर्ण
 
 
सीमांत क्षेत्रों में पलायन रोकने को विशेष कार्य योजना तैयार करने पर हुई बैठक में विस्तार में चर्चा

सेवा भारत टाइम्स

देहरादून ।  उत्तराखण्ड राज्य के सीमान्त क्षेत्रों से पलायन रोकने तथा आबादी व बसावटों में वृद्धि हेतु सुरक्षा परिषद सचिवालय, भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा की गई अपेक्षा के अनुसार कार्य योजना बनाने विषयक बैठक मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। राज्य के सीमांत जनपदों यथा जनपद-उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, चम्पावत, तथा उधमसिंहनगर के सीमान्त व सुदूरवर्ती विकासखण्डों-भटवाड़ी, जोशीमठ, कनालीछीना, मूनाकोट, मुनस्यारी, धारचूला, लोहाघाट, चम्पावत तथा खटीमा में विशेष रूप से कार्य किए जाने हेतु कार्ययोजनाएं तैयार करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में राज्य में आम जनमानस को बेहतर मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने, दुर्गम एवं सीमान्त क्षेत्रों से लगातार हो रहे पलायन को रोकने, पहाड़ों, विशेष की पहचान एवं संस्कृति को संरक्षित करने हेतु सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चिकित्सा विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्यालयी शिक्षा तथा ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों के द्वारा अपने-अपने विभाग के प्रस्तुतीकरण दिया गया।

मुख्य सचिव द्वारा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान सीमान्त क्षेत्रों में रिक्त पदों यथा चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ, ए.एन.एम, आशा कार्यकर्ती एवं सहायिकाओं की तत्काल भर्ती पदस्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। सभी चिकित्सालयोंध्चिकित्सा केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में दवाईयॉ, उपकरण, एम्बुलेन्स उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।

मुख्य सचिव ने आवश्यकतानुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना करने, नीति घाटी तथा दारमा घाटी में चिकित्सा सुविधाओं को प्राथमिकता देने, सीमान्त जनपदों के चिन्हित विकासखण्डों में विशेष सुविधा यथा-आवासीय सुविधा अथवा भत्ता प्रदान किये जाने पर विचार किया। सीमान्त क्षेत्रों मे समय-समय पर मेडिकल कैम्प आयोजित करने, सीमान्त क्षेत्रों में  ठ।क्च् के अन्तर्गत चिकित्सा भवनों, आवासीय भवनों, उपकरण तथा दवाईयों हेतु प्रस्ताव तैयार करने, उनके रूटसध्पहुॅच मार्गों की टैलीमेडिसन, टैलीरेडियोलॉजी, एफ.आर.यू. एवं सन्दर्भण सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि विभाग 15 दिन में रिपोर्ट उपलब्ध कराये। मरीजों की संख्या के सापेक्ष चिकित्सकों के संख्या का अनुपात सुनिश्चित किये जाने, उच्च हिमालयी क्षेत्रों अथवा हिमाच्छादित क्षेत्रों में प्रवास कर रही आबादी का सम्पूर्ण वर्ष में चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

बैठक में चर्चा के दौरान पीएमजीएसवाई के माध्यम से असेवित क्षेत्रों की जनसंख्या सम्बन्ध मानकों में शिथिलता प्रदान किये जाने हेतु औचित्य पूर्ण प्रस्ताव विचारार्थ प्रस्तुत करने, स्वीकृत किये गये मार्गों के निर्माण हेतु धनराशि की उपलब्धता हेतु पीएमजीएसवाई के कार्यों हेतु राज्य योजना से धनराशि व्यय कर कार्य प्रारम्भ करने, सीमान्त क्षेत्रों में मार्गों को जोड़ने हेतु पुलों के निर्माण का भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश मुख्य सचिव द्वारा दिये गये। सीमान्त क्षेत्रों में अवस्थित ग्रामों में समस्त अवस्थापना सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सन्तृप्त करने के निर्देश दिये गये।