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गुलदार से अपने चार वर्षीय भाई को बचाने वाली बहन 
October 8, 2019 • मुख्य संपादक राजीव मैथ्यू
राखी का नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजेगा पौड़ी जिला प्रशासन
 
गुलदार से अपने चार वर्षीय भाई को बचाने वाली बहन 
राखी का नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा
 
 
सेवा भारत टाइम्स ब्यूरो 
 
देहरादून। पौड़ी जिला प्रशासन की ओर से अपने चार वर्षीय भाई की रक्षा के लिए गुलदार से दो-दो हाथ करने वाली राखी के अदम्य साहस को देखते हुए राखी का नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा। दिल्ली के सफदरजंग चिकित्सालय में राखी का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जहां उसकी स्थिति को खतरे से बाहर देखते हुए उसे दवा देकर घर भेज दिया। नौ अक्टूबर को उसे सिर पर बंधी पट्टी को बदलवाने के लिए पुनः चिकित्सालय में बुलाया है।

शनिवार को वीरोंखाल प्रखंड के अंतर्गत ग्राम देवकंडाई निवासी दलवीर सिंह रावत की 11 वर्षीय पुत्री राखी अपने छोटे भाई राघव (चार वर्ष) को कंधे में बिठाकर खेत से गांव की ओर आ रही थी। राखी के साथ उसकी मां शालिनी देवी भी थी, जो कि राखी के पीछे कुछ दूरी पर थी। रास्ते में अचानक गुलदार ने राघव पर झपट्टा मार दिया। राखी ने गुलदार की ओर झपट्टा मार राघव को गुलदार के पंजे से छुड़ा दिया व उसे अपने सीने से चिपका कर मुंह के बल लेट गई। गुलदार ने पंजे व दांतों से राखी पर कई वार किए, लेकिन राखी ने राघव को नहीं छोड़ा। इसी दौरान उसकी मां वहां पहुंची व शोर मचाते हुए गुलदार की ओर पत्थर फेंके, जिस पर गुलदार जंगल की ओर भाग गया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण राखी व राघव को लेकर पोखड़ा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां से उन्हें कोटद्वार रेफर कर दिया गया। शनिवार शाम परिजन दोनों को लेकर कोटद्वार बेस चिकित्सालय में आए, जहां से राघव को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि राखी को एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर कर दिया गया। राखी के सिर व पीठ पर काफी चोटें आई हैं। एम्स के चिकित्सकों ने भी राखी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। गंभीर रूप से घायल राखी को सफदरजंग चिकित्सालय के चिकित्सकों ने भर्ती नहीं किया। राखी की बुआ मंजू देवी ने बताया कि चिकित्सकों ने राखी का सीटी स्कैन करवाया, जिसमें उसे सिर की किसी हड्डी में चोट की पुष्टि नहीं हुई। चिकित्सकों ने दवा देकर उन्हें घर भेज दिया व नौ अक्टूबर को सिर पर लगाई गई पट्टी को बदलवाने के लिए पुन बुलाया है। भाई की रक्षा के लिए स्वयं की जान पर खेलने वाली राखी का नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजा जा रहा है। जिलाधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल ने बताया कि राखी ने जीवन रक्षा के लिए अपने जीवन की परवाह किए बिना अदम्य साहस का परिचय दिया। बताया कि राखी के इसी साहस को देखते हुए उसका नाम वीरता पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा।