ALL Sports Gadgets and Technology Automobile State news International news Business Health Education National news
दिल्ली में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर नई पेंशन स्कीम (NPS) के विरोध में शिक्षको ने किया प्रर्दशन ।
February 24, 2020 • मुख्य संपादक राजीव मैथ्यू • National news

नई पेंशन स्कीम (NPS) के विरोध में शिक्षको ने किया प्रर्दशन ।

श्री सुधीर आर्य ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद बुढ़ापे का एक मात्र सहारा पेंशन ही होती है जिसे सरकार ने छीन लिया है

सेवा भारत टाइम्स ब्यूरो

देहरादून/नई दिल्ली । आज दिनांक 24 फरवरी को दिल्ली में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर नई पेंशन स्कीम (NPS) के विरोध में तथा पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की माँग हेतु उत्तराखंड प्रदेश के देहरादून जिले के शिक्षको ने भी (NPS) के विरोध में प्रतिभाग किया 

नई पेंशन योजना के अंतर्गत सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षक सभा को संबोधित करते हुए श्री सुधीर आर्य ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद बुढ़ापे का एक मात्र सहारा पेंशन ही होती है जिसे सरकार ने छीन लिया है जबकि विधायकों, सांसदों आदि। को 3-3 तक पेंशन दी जा रही है। सांसदों/ विधायकों की सेवा मात्र 5 वर्ष ही होती है जबकि सरकारी व्यक्ति अपना सारा जीवन लगाने के बाद भी पेंशन विहीन रहेगा। नई पेंशन योजना के अंतर्गत कर्मचारी का पैसा बाजार में लगाया जाता है जिसके डूब जाने की संभावना भी होती है।

आंदोलन मे अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक उत्तराखण्ड की ओर से सुधीर आर्य, श्रीमती पूनम आर्या, सुधांशु उनियाल, बलबीर सिंह, विजय सिंह तोमर , श्रीमती सुशीला गुरूंग, श्रीमती रजनी बाला, श्रीमती सुमन लता, श्रीमती रेखा अग्रवाल, विपिन चौहान, खेमकरण क्षेत्री, प्रवीण वर्मा, कमल सुयाल, अरुण गेजवाल, सत्यपाल सिंह, जाहिद अली, गम्भीर कश्यप, सुभाषिनी डिमरी, सुनीता रावत, सुनीता सोलंकी, मुकेश कुमार, मृदुल सिंह, प्रीतम सिंह, संतोष कुमार, प्रेम मोहन, मोहन हटवाल, विनोद असवाल, राजेन्द्र सोलंकी, चंद्रपाल सिंह , राजेन्द्र गुसाईं, सुभाष कुकरेती, देवेश डोभाल, शशि दिवाकर और जिलाध्यक्ष श्री वीरेंद्र कृषाली आदि उपस्थित थे।

आंदोलन के दौरान मंचासीन केरल के सांसद ने कहा कि आगामी संसद सत्र में उनके द्वारा पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करने की माँग को अवश्य उठाया जाएगा। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामपाल सिंह ने कहा कि जब तक पुरानी पेंशन योजना को लागू नहीं किया जाएगा तब तक शिक्षक संघ का आंदोलन चलता रहेगा।