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भारत की ज्योतिषीय विरासत को बचाना होगा : पं. सुरेश मिश्रा
January 2, 2020 • मुख्य संपादक राजीव मैथ्यू

भारत की ज्योतिषीय विरासत को बचाना होगा : पं. सुरेश मिश्रा

दादू आचार्य संस्कृत महाविद्यालय में ज्योतिष वेदवेदांग संस्कृतसंस्थानम् द्वारा सप्तदिवसीय ज्योतिष कर्मकाण्ड एवं संस्कृत सम्भाषण शिविर सम्पन्न

सेवा भारत टारम्स ब्यूरो 

जयपुर। ज्योतिष वेदवेदांग संस्कृत संस्थानम् द्वारा दादू आचार्य संस्कृत महाविद्यालय मोती डूंगरी मार्ग जयपुर में सप्तदिवसीय ज्योतिष कर्मकाण्ड एवं संस्कृत सम्भाषण शिविर का समापन कार्यक्रम पूर्ण हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। 
ज्योतिष कर्मकाण्ड एवं संस्कृत सम्भाषण शिविर के समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं.सुरेश मिश्रा ने कहा कि भारतीय ज्योतिषीय विरासत आज एक बहुत गर्त के किनारे खडी है। जो कि अपने अन्तिम समय का इन्तजार कर रही है। वर्तमान में ज्योतिष का बहुत प्रचार हो रहा है। परन्तु ज्योतिष को व्यवसायिक बनाकर इसके मूल सिद्धान्तों पर आघात किया जा रहा है। ज्योतिष के नाम पर पाखण्ड फैलाया जा रहा है। इसलिए भारतीय ज्योतिष के मूलस्वरुप और मूल सिद्धान्तों का बचाना अत्यन्त आवश्यक है।

समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि संस्कृत भाषा में निहित वैदिक वाङ्मय और ज्योतिष शास्त्र सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। इस अमूल्य ज्ञान भण्डार का संरक्षण संवर्धन और प्रचार प्रसार करना प्रत्येक भरतीय का कर्तव्य है।

संस्थानम् की राष्ट्रीय अध्यक्षा आचार्या कीर्ति शर्मा ने बताया कि ज्योतिष वेदवेदाङ्ग संस्कृत संस्थानम् द्वारा आयोजित सप्तदिवसीय ज्योतिष कर्मकाण्ड एवं संस्कृतसम्भाषण प्रशिक्षण शिविर में देशभर से छत्तीसगढ़ ,महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मुंबई, कोलकाता हिमाचलप्रदेश सहित छह राज्यों से लगभग 150 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर में सात दिन तक सभी छात्रों को निःशुल्क ज्योतिष, कर्मकाण्ड पौरोहित्य एवं संस्कृत सम्भाषण का प्रशिक्षण दिया गया।

शिविर के समापन कार्यक्रम में अध्यक्ष पं.सुरेश मिश्रा, मुख्यातिथि भाषा विज्ञान के प्रो. सत्यनारायण शर्मा , सारस्वत-अतिथि प्रो. मोहनलाल शर्मा पूर्व व्याकरण विभागाध्यक्ष राजकीय महाराज आचार्य संस्कृत महाविद्यालय जयपुर, विशिष्ट अतिथि संतोष स्वामी मन्त्री संचालनसमिति दादू आचार्य संस्कृत महाविद्यालय, पं.शम्भुनाथ झा और रामकृष्ण शास्त्री निदेशक संस्कृत विद्याध्ययन एवं अनुसन्धान संस्थान, आचार्या कीर्ति शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिष वेदवेदाङ्ग संस्कृत संस्थानम् जयपुर आदि का सानिध्य प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम में शिविर का प्रतिवेदन संस्थान की अध्यक्ष आचार्या कीर्ति शर्मा ने पढा। धन्यवाद ज्ञापन संस्थानम् के महामन्त्री रामकृष्ण शास्त्री ने दिया। समापन कार्यक्रम का संचालन पं. शम्भुनाथ झा ने किया।

कार्यक्रम में भूपेन्द्र कुमार सोनी कोषाध्यक्ष ज्योतिष वेदवेदाङ्ग संस्थानम्, रमाकान्त शर्मा, रमेश पारीक, पं.संजय शास्त्री, पं.महेन्द्र शर्मा, दादू आचार्य संस्कृत महाविद्यालय की प्राचार्य डा.मेघा शर्मा, विजयालक्ष्मी स्वामी, हेमन्त स्वामी आदि उपस्थित रहे।