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मुख्यमंत्री ने किया सखी वन स्टाप सेंटर का लोकार्पण
September 12, 2019 • SEVA BHARAT TIMES

मुख्यमंत्री ने किया सखी वन स्टाप सेंटर का लोकार्पण

हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता

 
(फोटो :- सखी वन स्टॉप सेन्टर का उद्घाटन करते मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या )
   
देहरादून : सखी वन स्टॉप सेंटर के अंतर्गत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउन्सलिंग की सुविधा सखी वन स्टॉप सेन्टर में उपलब्ध करायी जायेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने महिला सशक्तिकरण विभाग के सखी वन स्टाप सेंटर का लोकार्पण किया। यह सखी वन स्टाप सेंटर, केन्द्र सहायतित योजना के अंतर्गत सर्वे चैक स्थित महिला छात्रावास परिसर में बनाया गया है।
 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में कई बार ऐसी समस्याएं आती हैं, जब आश्रय की जरूरत पड़ती है। सखी वन स्टाप सेंटर भी उन महिलाओं और बालिकाओं को सहारा देंगे जो कि तमाम वजहों से परेशान हैं। उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही अच्छा माहौल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में स्वच्छता बहुत जरूरी है। इस पर किसी तरह की हिचक नहीं होनी चाहिए। हाल ही में एक सर्वे आया था, कि माहवारी में स्वच्छता का ध्यान न रख पाने से महिलाओं में सर्वाइकल केंसर की सम्भावना बढ़ जाती है। राज्य सरकार ने सैनेटरी नैपकिन कम कीमत पर उपलब्ध करने की योजना संचालित की है।
 
बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अति कुपोषित बच्चों की उचित देखरेख के लिए गोद योजना शुरू की गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को सप्ताह में दो दिन निःशुल्क दूध उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने महिला छात्रावास परिसर का भी अवलोकन किया। उन्होंने यहां आवश्यक उपकरण व अन्य सुविधाएं उपलब्घ कराने की घोषणा की। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर के अंतर्गत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउन्सलिंग की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। इसका उद्देश्य एक ही छत के नीचे हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एकीकृत रूप से चिकित्सा, विधिक, मनौवैज्ञानिक सहायता करना है। इस अवसर पर विधायक खजानदास, सचिव सौजन्या, निदेशक झरना कमठान भी उपस्थित रहीं।