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उत्तराखंड में पहली बार होने जा रहा है राष्ट्रीय हेली सम्मेलन
August 28, 2019 • SEVA BHARAT TIMES

 Sam Dass: (उत्तराखंड न्यूज़- 27-8-2019)

उत्तराखंड में पहली बार होने जा रहा है राष्ट्रीय हेली सम्मेलन

 

(फ़ोटो-1: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत)

 

देहरादून। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और फिक्की (फेडरेशन आफ इंडियन चैंबर्स आफ कामर्स इंडस्ट्री) के सहयोग से उत्तराखंड में पहली बार सात सितंबर को राष्ट्रीय हेली सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन हेलीकॉप्टर इंडस्ट्री के लिए इंवेस्टर्स समिट की तरह होगा। इसमें हेलीकॉप्टर निर्माता कंपनी, आपरेटर्स, स्टेक होल्डर्स और हवाई सेवाओं के विशेषज्ञ आएंगे। नागरिक उड्डयन विभाग और उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथारिटी (यूकाडा) ने सहस्त्रधारा हेलीपैड में सम्मेलन की तैयारी शुरू कर दी है। 

सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में यूकाडा की चौथी बोर्ड बैठक में उत्तराखंड में हेली सेवाओं के विस्तारीकरण और आधारभूत ढांचा विकसित करने, हेली सेवा को सुरक्षित बनाने समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर ने जानकारी दी कि प्रदेश में हेली सेवाओं की संभावनाओं को देखते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने राष्ट्रीय हेली सम्मेलन के लिए उत्तराखंड को चुना है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और फिक्की के सहयोग से सात सितंबर को सहस्त्रधारा हेलीपैड में सम्मेलन होगा। हेलीकाप्टर इंडस्ट्री के लिए यह छोटा इंवेस्टर्स समिट होगा। इस सम्मेलन के माध्यम से उत्तराखंड में हेली सेवाओं के लिए पीपीपी प्रोजेक्ट, उड़ान योजना के तहत हेलीपैडों के विस्तारीकरण में निवेश करने पर चर्चा की जाएगी। वहीं, नागरिक मंत्रालय की ओर से देशभर में हेलीकॉप्टर सेक्टर में विकल्प की संभावनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। 

सहस्त्रधारा हेलीपैड में वर्तमान में दो हैंगर है। लेकिन इसमें एक हैंगर संचालित है। एडीबी योजना के तहत बनाए गए हैंगर का वर्तमान में संचालन नहीं हो रहा है। सरकार का प्रयास है कि इस हैंगर को पीपीपी मोड पर संचालित करने के लिए दिया जाए। राष्ट्रीय हेली सम्मेलन में हेली कंपनियों के सामने भी इस प्रस्ताव को रखा जाएगा। 
यूकाडा में तकनीकी स्टाफ की कमी को देखते हुए बोर्ड बैठक में मेंटीनेंस मैनेजर समेत तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति को मंजूरी दी गई। पिछले करीब डेढ़ साल से यूकाडा में कर्मचारियों की कमी से प्राइवेट मेंटीनेंस एजेंसी की सेवाएं ली जा रही हैं।