ALL Sports Gadgets and Technology Automobile State news International news Business Health Education National news
उत्तराखंड के आठ जनपदों में सीएम हेल्पलाइन का प्रशिक्षण हुआ पूरा
September 5, 2019 • सेवा भारत टाइम्स

उत्तराखंड के आठ जनपदों में सीएम हेल्पलाइन का प्रशिक्षण हुआ पूरा

(फोटो-3: कार्यक्रम में मौजूद अतिथिगण)

सेवा भारत टाइम्स ब्यूरो 

देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार गुड गवर्नेंस के प्रति पूरी तरह समर्पित है। जनसामान्य की शिकायतों के निराकरण के लिए बनाए गए सीएम हेल्पलाइन पोर्टल 1905 के सभी स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर दक्ष किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के सभी 13 जिलों के  L1  स्तर और  L2  स्तर के अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है।  L1     स्तर और L2 स्तर के अधिकारियों में विभाग द्वारा चिन्हित किये गए ब्लाक स्तर और जिले स्तर के अधिकारी सम्मिलित हैं।
इस ट्रेनिंग में सभी अधिकारियों को 1905 टोलफ्री नंबर या सीएम हेल्पलाइन पोर्टल  cmhelpline.uk.gov.in या मोबाइल एप द्वारा प्राप्त होने वाली शिकायत के सही तरीके और शीघ्र गति एवं गुणवत्ता के साथ  समाधान करने की ट्रेनिंग दी जा रही है।

अधिकारियों को उनके ही जिले में सीएम हेल्पलाइन के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा जिला अधिकारी की उपस्थिति में ट्रेनिंग करवाई जा रही है और अधिकारियों की समस्या का निराकरण भी किया जा रहा है। 20 जुलाई से शुरू हुई इस ट्रेनिंग कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य के 13 जिलों में से 8 जिलों के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
गढ़वाल मंडल के 2 जिलों देहरादून और हरिद्वार एवं कुमाऊं मंडल के सभी 6 जिलों उधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चम्पावत जिले में सीएम हेल्पलाइन को सुचारू रूप से चलाने के लिये अधिकारियों की यह प्रेक्टिकल ट्रेनिंग पूर्ण हो चुकी है।

शीघ्र ही गढ़वाल मंडल के शेष 5 जिलों में भी यह ट्रेनिंग दी जायेगी। सीएम हेल्पलाइन पर पंजीकृत कुल 3500 अधिकारियों में से अभी तक 1856 अधिकारियों को उनके जिले में आई०टी० विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया जा चुका है। अधिकारियों की बेहतर मानीटरिंग के लिए जिला अधिकारी को सीएम हेल्पलाइन का डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेटर  बनाया गया है व मंडलायुक्त को मंडल का एडमिनिस्ट्रेटर बनाया गया है। इससे जिला अधिकारी प्रत्येक दिन किसी भी समय अपने जिले  के और  गढ़वाल और कुमाऊं कमिश्नर अपने मंड़ल के सभी विभागों में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज हो रही शिकायतों की कार्यवाही पर नजर रख सकेंगे।
इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री  राजीव रौतेला ने कहा कि हम सभी लोक सेवक हैं, इसलिए जनता को सुगम व गुणवत्तापूर्ण सेवा देना हमारा दायित्व है।

 उन्होंने कहा कि जनता जागरूक है और उनकी अपेक्षाएं भी अधिक हैं, हमें जनता की अपेक्षाओं के अनुसार कार्य कर, खरा उतरना होगा। सरकार व हमारा उद्देश्य आम जनता को सेवा देना है तथा उनकी समस्याओं का समयबद्धता से निस्तारण करना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा 15 दिसम्बर 2017 को सीएम एप भी लांच किया गया था, जिससे  11 हजार से अधिक जन शिकायतों का निराकरण किया था।
अब सीएम एप की लोकप्रियता के बाद मुख्यमंत्री द्वारा सीधे जनता तक पहुॅच बनाने व उनकी समस्याओं व शिकायतों के निराकरण हेतु 23 फरवरी 2019 को  मुख्यमंत्री हेल्पलाईन 1905 प्रारंभ की गयी है, जिसमें प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों द्वारा 7 दिन के भीतर समस्याओं का निदान करना आवश्यक होगा।

 23 फरवरी 2019 से 4 सितंबर 2019 तक सीएम हेल्पलाइन पर 7546 शिकायतों का  निराकरण कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने कार्य एवं दायित्वो को संजीदगी से करते हुए जनता की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से करें। जनता की सहूलियत के लिए और शिकायत प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिये मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर क्षेत्रीय भाषाओं में भी सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी गई है। उत्तराखण्ड का कोई भी नागरिक कई भाषाओं में सीएम हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 1905 पर हिंदी, अंग्रेजी, गढ़वाली, पंजाबी, कुमाउनी भाषा मे अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री चाहतें है कि जनता को छोटी-छोटी सामान्य शिकायतों के लिए सचिवालय या मुख्यमंत्री आवास के चक्कर न काटने पड़े इसलिए अधिकारी सामान्य शिकायतों का अपने स्तर पर त्वरित निस्तारण करें।

उन्होने बताया हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत का समयबद्ध निराकरण जरूरी है। जनता के साथ सीधा संवाद करने और जनता की परेशानियों को दूर करने के लिए सुशासन को लागू करते हुए उत्तराखण्ड के प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण जन कल्याणकारी योजना के रूप में मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन की ऐतिहासिक शुरूआत की है। उन्होने अधिकारियों से कहा सीएम हेल्पलाइन को रोज देखना अपनी आदतों में शामिल करें, जो शिकायत आपके विभाग से सम्बन्धित नही है उसे सम्बन्धित विभाग को हस्तान्तरित किया जाये। अधिकारी संवादहीनता व संवेदनहीनता से बचें, आपसी संवाद से ही समस्याओं का समाधान निकलता है। संवेदनशील होकर कार्य करें व हेल्पलाईन में प्राप्त समस्याओं का समय से समाधान करें। उन्होंने बताया मुख्यमंत्री कार्यालय नियमित रूप से सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त  शिकायतों की माॅनिटरिंग कर रहा है।

ट्रेनिंग के दौरान अधिकारियों को बताया गया है कि सभी जिला अधिकारी जिला स्तर पर व मंडल कमिश्नर मंडल स्तर पर प्रत्येक महीने  प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक लेंगे। शासन स्तर पर भी मा० मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव स्तर पर सभी स्तर पर समीक्षा बैठक की जायेगी। समीक्षा बैठक में बहुत अच्छा प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया जायेगा और लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जायेगी। अधिकारियों ने कहा इस तरह की ट्रेनिंग से उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और शिकायत निवारण की कार्यप्रणाली में गुणवत्तापूर्ण सुधार आएगा। सभी अधिकारियों ने उनके जिले में ही दी जा रही इस ट्रेनिंग के लिये मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का धन्यवाद प्रकट किया।